भारत सरकार की योजनाएं

  • मुख्यमंत्री   कन्या   सुमंगला   योजना 2025: बेटियों   की   शिक्षा   और भविष्य   को   नई   उड़ान

    मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2025: बेटियों की शिक्षा और भविष्य को नई उड़ान

    मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2025 बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक आर्थिक सहायता देने वाली यूपी सरकार की पहल है।


    📊 त्वरित जानकारी (Quick Highlights Table)

    विवरणजानकारी
    योजना का नाममुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2025
    राज्यउत्तर प्रदेश
    लॉन्च करने वाली संस्थामहिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार
    लाभार्थीउत्तर प्रदेश की बालिकाएँ
    उद्देश्यबेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य व आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना
    कुल आर्थिक सहायता₹15,000 (विभिन्न चरणों में)
    पात्रतायूपी की स्थायी निवासी बेटियाँ जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम है
    आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन – https://mksy.up.gov.in
    योजना की स्थितिसक्रिय (2025 तक जारी)

    🌸 योजना का परिचय

    हमारे समाज में बेटियाँ हमेशा से परिवार और देश का गौरव रही हैं। लेकिन कई बार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बेटियों की शिक्षा अधूरी रह जाती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक शानदार पहल की है – मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2025।

    यह योजना बेटी के जन्म से लेकर उसकी स्नातक शिक्षा तक हर चरण में आर्थिक सहायता प्रदान करती है ताकि कोई भी बेटी सिर्फ पैसों की वजह से अपने सपनों से समझौता न करे।


    योजना का उद्देश्य

    मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों को जन्म से लेकर शिक्षा तक एक मजबूत सामाजिक और आर्थिक आधार देना है।
    इस योजना के माध्यम से:

    • बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहन देना,
    • बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकना,
    • और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना प्रमुख लक्ष्य है।

    सरकार चाहती है कि हर बेटी आत्मनिर्भर बने, पढ़े-लिखे और अपने परिवार व समाज का नाम रोशन करे।


    💰 आर्थिक सहायता की राशि (Fund Distribution)

    इस योजना में कुल ₹15,000 की सहायता छह चरणों में दी जाती है –

    चरणसहायता राशिविवरण
    1️⃣₹2,000बेटी के जन्म पर
    2️⃣₹1,000एक वर्ष पूर्ण होने पर और टीकाकरण पूर्ण होने पर
    3️⃣₹2,000कक्षा 1 में प्रवेश पर
    4️⃣₹2,000कक्षा 6 में प्रवेश पर
    5️⃣₹3,000कक्षा 9 में प्रवेश पर
    6️⃣₹5,000स्नातक/डिप्लोमा/इंटरमीडिएट में प्रवेश पर

    👩‍👧 पात्रता (Eligibility Criteria)

    • आवेदक उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
    • परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
    • परिवार में अधिकतम दो बेटियाँ इस योजना के लिए पात्र हैं।
    • परिवार ने कन्या भ्रूण हत्या या बाल विवाह से संबंधित किसी अपराध में शामिल न हुआ हो।
    • जन्म प्रमाणपत्र और परिवार के दस्तावेज़ आवश्यक हैं।

    📄 आवश्यक दस्तावेज़

    • जन्म प्रमाणपत्र
    • आधार कार्ड (बेटी, माता-पिता दोनों का)
    • आय प्रमाणपत्र
    • निवास प्रमाणपत्र
    • बैंक पासबुक की कॉपी
    • पासपोर्ट साइज फोटो

    🖥️ आवेदन प्रक्रिया (Online Registration Process)

    1️⃣ सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट खोलें 👉 https://mksy.up.gov.in
    2️⃣ “Citizen Services Portal” पर क्लिक करें।
    3️⃣ “Apply Here” बटन चुनें और रजिस्ट्रेशन करें।
    4️⃣ माता-पिता या संरक्षक का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल भरें।
    5️⃣ OTP के माध्यम से अकाउंट वेरिफाई करें।
    6️⃣ बेटी की जानकारी भरें और ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें।
    7️⃣ सभी जानकारी सही होने पर “Submit” करें।
    8️⃣ आवेदन जमा होने के बाद उसका प्रिंटआउट अपने पास रखें।


    📞 योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

    • योजना की मॉनिटरिंग महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की जाती है।
    • लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में DBT के माध्यम से दी जाती है।
    • आवेदन की स्थिति और भुगतान की जानकारी वेबसाइट पर Login → Application Status से देखी जा सकती है।

    💬 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

    1. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ किसे मिलता है?
    यह योजना केवल उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए है जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम है।

    2. क्या एक परिवार में दो से अधिक बेटियाँ इस योजना का लाभ ले सकती हैं?
    नहीं, केवल दो बेटियाँ ही योजना के तहत पात्र हैं।

    3. योजना की राशि कैसे मिलती है?
    योजना की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में चरणबद्ध तरीके से ट्रांसफर की जाती है।

    4. क्या योजना में ऑनलाइन आवेदन आवश्यक है?
    हाँ, आवेदन केवल https://mksy.up.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन ही किया जा सकता है।

    5. आवेदन की स्थिति कैसे जांचें?
    आवेदन की स्थिति “Application Status” टैब में जाकर लाभार्थी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर देखी जा सकती है।


    🌷 निष्कर्ष

    मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2025 सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को हकीकत में बदलने की दिशा में एक बड़ी पहल है।
    सरकार का यह प्रयास उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जो अपनी बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं।
    अगर आपके परिवार में भी कोई बेटी है, तो इस योजना का लाभ ज़रूर उठाएँ और उसके उज्जवल भविष्य में योगदान दें।

  • “Child Labour    Vidya Yojana: हर  बच्चे  तक शिक्षा  पहुँचाने  की  सरकारी   पहल”

    “Child Labour Vidya Yojana: हर बच्चे तक शिक्षा पहुँचाने की सरकारी पहल”

    लेखक: Shelfy Naz
    बाल श्रमिक विद्या योजना 8–18 आयु के कामकाजी बच्चों को पढ़ाई में लौटाने के लिए आर्थिक सहायता, ट्रैकिंग और प्रवेश सुविधा देती है।


    परिचय एक नया मोड़ उन बच्चों की ज़िंदगी में

    भारत में लाखों बच्चे परिवार की रोज़मर्रा की ज़रूरतों में मदद करते-करते पढ़ाई से दूर हो जाते हैं। बाल श्रमिक विद्या योजना इन बच्चों को फिर से स्कूल तक पहुँचाने और उनकी आमदनी के नुकसान की भरपाई करने के लिए एक कंडीशनल कैश ट्रान्सफर पहल है। इसका उद्देश्य 8-18 आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों/किशोर-किशोरियों को स्थायी रूप से विद्यालय में शामिल कराना और उनके भविष्य को सुरक्षित करना है।


    योजना के उद्देश्य (Simple & Clear)

    • कामकाजी बच्चों को शिक्षा के माध्यम से समाज में वापस जोड़ना।
    • परिवार की आर्थिक सहायता करते हुए बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिलाना।
    • बच्चों के पुनः स्कूल में शामिल होने, उपस्थित रहने और उत्तीर्ण होने को प्रोत्साहित करना।
    • पात्र परिवारों को अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना।

    कौन-कौन लाभान्वित होंगे ? पात्रता और परिवार की क्षम्यता

    योजना उन परिवारों को लक्षित करती है जहाँ:

    1. माता या पिता अथवा दोनों की मृत्यु हो चुकी हो।
    2. माता या पिता अथवा दोनों स्थायी रूप से विकलांग हों।
    3. परिवार की मुखिया महिला हो (पति की मृत्यु/तलाक आदि)।
    4. माता/पिता किसी गंभीर असाध्य रोग से ग्रस्त हों।
    5. भूमिहीन परिवार हों।

    लाभार्थी वे 8-18 आयु वर्ग के कामकाजी बच्चे/किशोर-किशोरियाँ होंगे जो संगठित या असंगठित क्षेत्र में परिवार की आय के लिए श्रम कर रहे हैं जैसे खेत, गैर-कृषि, स्वरोज़गार, घरेलू काम आदि शामिल हैं।


    प्राथमिकता की 9 श्रेणियाँ (सहज भाषा में)

    योजना में लाभार्थियों की प्राथमिकता 9 श्रेणियों में बांटी गई है — जहाँ प्रथम श्रेणी सबसे उच्च प्राथमिकता है और नवम श्रेणी अपेक्षाकृत कम प्राथमिकता:

    1. प्रथम: दोनों माता-पिता की मृत्यु और बच्चे की आमदनी परिवार का मुख्य स्रोत।
    2. द्वितीय: पिता की मृत्यु और बच्चा परिवार का सहारा।
    3. तृतीय: माता-पिता दोनों स्थायी रूप से दिव्यांग।
    4. चतुर्थ: माता-पिता असाध्य रोग से ग्रस्त।
    5. पंचम: पिता स्थायी रूप से दिव्यांग।
    6. षष्टम्: पिता गम्भीर असाध्य रोग से ग्रस्त।
    7. सप्तम: परिवार की मुखिया महिला हो (पत्नी मृत/तलाकशुदा)।
    8. अष्टम: माता मृत/स्थायी दिव्यांग/गंभीर रोग।
    9. नवम: भूमिहीन परिवार जहाँ बच्चा काम करता हो।

    नोट: हर लाभार्थी की पहचान निरीक्षण/सर्वेक्षण व प्रमाण-पत्रों के आधार पर की जाएगी।


    आच्छादित जिले व लक्ष्य

    जनगणना 2011 के आँकड़ों के आधार पर योजना के प्रथम चरण में 20 जिलों को चुना गया है — जैसे आगरा, प्रयागराज, कानपुर नगर, बलिया, लखनऊ, बाराबंकी, बरेली, गाज़ियाबाद, गोरखपुर, मिर्जापुर व अन्य। हर जिले में लगभग 100 लाभार्थियों को कवर कर कुल 2000 बच्चों/किशोरियों को लक्ष्य बनाया गया है।


    चयन प्रक्रिया (साफ और पारदर्शी)

    • प्राथमिक पहचान ग्राम पंचायत, स्थानीय निकाय, स्कूल प्रबन्धन समिति, चाइल्ड लाइन और स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा की जाएगी।
    • प्रमाण-पत्र (दिव्यांगता, मृत्यु, चिकित्सा प्रमाण) के आधार पर चयन सुनिश्चित किया जाएगा।
    • श्रम विभाग के सर्वेक्षण व निरीक्षण से भी कामकाजी बच्चों की सूची तैयार होगी।
    • अंतिम स्वीकृति क्षेत्रीय अपर/उप/सहायक श्रम आयुक्त द्वारा दी जाएगी और लाभार्थी का डाटा ई-ट्रैकिंग सिस्टम पर अपलोड होगा।

    आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन (कदम-दर-कदम)

    • मासिक अनुदान: बालकों के लिए ₹1000/माह, बालिकाओं के लिए ₹1200/माह। (सालाना ₹12,000 / ₹14,400)
    • शैक्षणिक प्रोत्साहन: कक्षा-8/9/10 उत्तीर्ण करने पर प्रत्येक कक्षा हेतु अतिरिक्त ₹6000 का प्रोत्साहन।
    • सभी भुगतान लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे किए जाएंगे।

    ई-ट्रैकिंग, उपस्थिति और शर्तें

    • सभी लाभार्थियों का विवरण ऑनलाइन ई-ट्रैकिंग सिस्टम में दर्ज होगा (UNICEF के सहयोग से)।
    • लाभ प्राप्त करने के लिए स्कूल में न्यूनतम 70% उपस्थिति अनिवार्य है, जिसका प्रमाण प्रधानाध्यापक ई-ट्रैकिंग में देंगे।
    • योजना में शामिल बच्चे अगर किसी कारण से राज्य के भीतर दूसरे जिले में स्थानांतरित होते हैं तो भी लाभ जारी रहेगा (Portability)।

    शिकायत निवारण और निगरानी

    • शिकायतें जिलाधिकारी कार्यालय या ई-ट्रैकिंग पर दर्ज कराई जा सकती हैं।
    • जिलास्तरीय समिति एक महीने में शिकायत का निवारण सुनिश्चित करेगी।
    • योजना के क्रियान्वयन की मासिक व द्वि-मासिक समीक्षा क्षेत्रीय और राज्य स्तर पर होगी।

    अन्य सरकारी लाभों से जोड़ना

    योजना का उद्देश्य केवल नकद सहायता नहीं, बल्कि परिवारों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना भी है जैसे विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, राशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, छात्रवृत्तियाँ आदि।


    FAQs (सरल जवाब)

    Q1. यह योजना किस उम्र के बच्चों के लिए है?
    A: 8 से 18 वर्ष आयु के कामकाजी बच्चों/किशोरियों के लिए।

    Q2. सहायता कितनी मिलती है?
    A: बालकों को ₹1000/माह और बालिकाओं को ₹1200/माह।

    Q3. उपस्थिति की क्या शर्त है?
    A: विद्यालय में न्यूनतम 70% उपस्थिति अनिवार्य है।

    Q4. आवेदन कैसे होगा?
    A: पहचान स्थानीय ग्राम पंचायत/स्कूल/चाइल्डलाइन/श्रम विभाग द्वारा कराई जाएगी; अंतिम चयन श्रम अधिकारी करेंगे।

    Q5. शिकायत कहां दर्ज करूं?
    A: जिलाधिकारी कार्यालय या ई-ट्रैकिंग सिस्टम पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।


    निष्कर्ष पढ़ाई से सबका भविष्य संवरता है

    बाल श्रमिक विद्या योजना सिर्फ पैसों की मदद नहीं; यह बच्चों को विश्वास, शिक्षा और समाज में एक नया मुकाम देने की पहल है। जब हम कामकाजी बच्चों को पढ़ाई के रास्ते पर वापस लाते हैं, तो हम न सिर्फ उनकी ज़िंदगी बदलते हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित करते हैं। आइए इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाएँ और उन बच्चों तक मदद पहुँचाएँ जिन्हें सबसे ज़्यादा जरूरत है।

    ✍️ लेखक: Shelfy Naz

    अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक साइट लिंक पर जाएं:

    https://www.bsvy.in/#:~:text=%20%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD(%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%95%20%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE):%2D%20%20(i)%20%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%95%20%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE,%E0%A4%A7%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%20%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A8%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%20%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%AF%20%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80%E0%A5%A4

  • बेटियों   के  लिए  C.B.S.E.  की   सरकारी  योजना |

    बेटियों के लिए C.B.S.E. की सरकारी योजना |

    लड़कियों के लिए CBSE उदान योजना: नि:शुल्क इंजीनियरिंग तैयारी और बेहतर भविष्य का अवसर।


    CBSE उदान योजना: इंजीनियरिंग में बेटियों को पंख देने की अनोखी पहल |

    आज के दौर में जब देश विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब लड़कियों की भागीदारी को मजबूत बनाना बेहद जरूरी हो गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शुरुआत की “उड़ान (UDAAN)” योजना की एक ऐसी पहल जो देश की प्रतिभाशाली छात्राओं को IIT, NIT जैसी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों तक पहुंचाने में मदद करती है।

    उड़ान योजना क्या है?

    उड़ान, CBSE द्वारा संचालित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जो विज्ञान एवं गणित विषयों में प्रतिभाशाली कक्षा 11वीं की छात्राओं को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (JEE Main एवं JEE Advanced) की तैयारी के लिए नि:शुल्क मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन/ऑफलाइन क्लासेस प्रदान करता है।


    🎯 उद्देश्य (Objectives)

    • लड़कियों को इंजीनियरिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना।
    • स्कूल शिक्षा और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के बीच मौजूद सीख को बढ़ावा देना \
    • गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और तकनीकी सहायता के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर समान अवसर देना।
    • समाज में बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना।

    योजना की प्रमुख विशेषताएँ (Key Features of Udaan)

    • 💯 पूरी तरह नि:शुल्क सहायता – अध्ययन सामग्री, कोचिंग, टेस्ट सीरीज़ और तकनीकी सपोर्ट।
    • 📚 प्रि-लोडेड टैबलेट – जिसमें सभी लेक्चर, वीडियो, नोट्स और प्रैक्टिस टेस्ट मौजूद होते हैं।
    • 🖥️ वर्चुअल वीकेंड क्लासेस – सप्ताहांत पर ऑनलाइन कक्षाएं ताकि स्कूली पढ़ाई प्रभावित न हो।
    • 📝 नियमित मूल्यांकन (Assessments) – छात्रों की प्रगति मापने हेतु टेस्ट और फीडबैक सिस्टम।
    • 🤝 पीयर लर्निंग और मेंटरशिप – मेधावी छात्राओं के बीच ग्रुप स्टडी और मार्गदर्शन।
    • 🎤 मोटिवेशन सेशन – छात्रों और अभिभावकों के लिए उत्साहवर्धक सत्र।
    • स्टूडेंट हेल्पलाइन – सवालों और तकनीकी सहायता के लिए विशेष हेल्पडेस्क।

    👩‍🎓 कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility Criteria)

    • केवल भारतीय नागरिक (India में निवास करने वाली लड़कियाँ)।
    • कक्षा 11वीं में PCM (Physics, Chemistry, Mathematics) स्ट्रीम की छात्राएँ।
    • कक्षा 10वीं में कुल 70% या अधिक अंक, तथा विज्ञान और गणित में 80% अंक।
    • पारिवारिक वार्षिक आय 6 लाख रुपये से कम
    • मान्यता प्राप्त बोर्ड (CBSE/State Board/KV/NV/Private CBSE Schools) की छात्राएँ।
    • चयन मेरिट के आधार पर, शहर-वार उपलब्ध सीटों के अनुसार।

    🗂️ रिज़र्वेशन (Reservation Policy)

    श्रेणीआरक्षण प्रतिशत
    OBC (NCL)27%
    SC15%
    ST7.5%
    PWD3%

    📝 उड़ान योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया (Online Registration Steps)

    Step 1: CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Application Form भरें।
    Step 2: हाल ही की पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें।
    Step 3: आवेदन फॉर्म सबमिट करने के बाद Print Out लें।
    Step 4: Declaration Form डाउनलोड करें और संलग्न करें।
    Step 5: सभी आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ इसे चुने गए Verification Centre में जमा करें।

    📩 ईमेल सहायता: udaan.cbse@gmail.com
    ☎ हेल्पलाइन: 011-23214737


    📦 छात्रा को क्या मिलेगा? (What Students Receive under Udaan)

    • डिजिटल टैबलेट में पूरी तैयारी सामग्री
    • ऑनलाइन/ऑफलाइन Doubt Classes
    • Mock Test एवं Practice Papers
    • IIT/NIT लेवल की Expert Mentorship
    • माता-पिता के लिए प्रेरक कार्यशालाएँ

    🌟 उड़ान क्यों है खास?

    उड़ान केवल एक कोचिंग कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह सपनों को उड़ान देने वाला सामाजिक अभियान है। देश के ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की होनहार बेटियों को यह साबित करने का मौका देता है कि प्रतिभा का संबंध सुविधा से नहीं, संकल्प से होता है।


    🧭 आगे का सफर: बेटियों के लिए प्रेरणा

    “बेटियाँ अगर सपने देखें और मेहनत करें, तो आसमान भी उनकी बाधा नहीं बन सकता।”

    उड़ान योजना ऐसी ही लाखों बेटियों को यह यकीन दिलाती है कि IIT या NIT केवल सपना नहीं, बल्कि हासिल करने योग्य लक्ष्य है।


    🏁 निष्कर्ष

    CBSE की उदान योजना उन प्रतिभाशाली छात्राओं के लिए वरदान है, जो इंजीनियरिंग में करियर बनाना चाहती हैं लेकिन आर्थिक या संसाधन की कमी उनका रास्ता रोकती है। यदि आप या आपके जान-पहचान में कोई लड़की विज्ञान की छात्रा है, तो अवश्य इस योजना के लिए आवेदन करें और अपने सपनों को नई “उड़ान” दें।

    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. CBSE उड़ान योजना क्या है?
    CBSE उड़ान योजना एक विशेष पहल है जो कक्षा 11वीं की छात्राओं को इंजीनियरिंग (IIT/JEE) की मुफ्त तैयारी में मदद करती है, जिसमें ऑनलाइन क्लास, स्टडी मटीरियल और मेंटरशिप प्रदान की जाती है।

    Q2. उड़ान योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
    यह योजना केवल उन भारतीय छात्राओं के लिए है जो 11वीं में PCM (भौतिकी, रसायन, गणित) पढ़ रही हों और 10वीं में 70% से अधिक अंक हों।

    Q3. क्या उड़ान योजना के लिए कोई शुल्क देना होता है?
    नहीं, यह योजना पूरी तरह निशुल्क है। सभी सामग्री, टैबलेट, क्लास और टेस्ट फ्री में दिए जाते हैं।

    Q4.उड़ान योजना में आवेदन कैसे करें?
    छात्राएं CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने होते हैं।

    Q5. क्या यह योजना केवल सरकारी स्कूल की छात्राओं के लिए है?
    नहीं, यह योजना KVS, NVS, सरकारी और CBSE से संबद्ध प्राइवेट स्कूल की छात्राओं सभी के लिए है।

    Q6.उड़ान योजना में चयन कैसे होता है?
    चयन मेरिट (अंकों) और शहर के अनुसार उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाता है।

    अधिक जानकारी के लिए :https://www.india.gov.in/spotlight/udaan-program-give-wings-girl-students

  • “हर  बच्चा  सुरक्षित, हर भविष्य उज्ज्वल: चंडीगढ़ की नई परिकल्पना”

    “हर बच्चा सुरक्षित, हर भविष्य उज्ज्वल: चंडीगढ़ की नई परिकल्पना”


    “चंडीगढ़ का बाल संरक्षण अभियान बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता, परामर्श और अभिभावक सहयोग के माध्यम से सुरक्षित बचपन का संकल्प है।


    चंडीगढ़ का बाल संरक्षण अभियान: सुरक्षित बचपन की ओर एक मजबूत कदम

    बच्चों की सुरक्षा केवल स्कूल तक सीमित नहीं होती, बल्कि उनके घर, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थलों तक फैली होती है। चंडीगढ़ प्रशासन ने एक ऐसा व्यापक Child Protection Programme शुरू किया है, जिसका उद्देश्य है – हर बच्चे को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वस्थ वातावरण देना

    भारत में दुनिया के लगभग 19% बच्चे रहते हैं, जिनमें से कई हिंसा, शोषण और मानसिक आघात का सामना करते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 50% से अधिक बच्चों ने किसी न किसी रूप में शारीरिक या मानसिक शोषण झेला है, और इनमें से कई ने अपनी पीड़ा कभी किसी से साझा नहीं की।


    🔶 क्यों ज़रूरी है बाल संरक्षण?

    • बच्चे मासूम होते हैं, आसानी से भरोसा कर लेते हैं
    • ज़्यादातर अत्याचार घर या परिचित लोगों द्वारा किए जाते हैं
    • शोषण मानसिक घाव छोड़ जाता है, जो जीवनभर रहते हैं

    इसीलिए, चंडीगढ़ प्रशासन ने एक ऐसा एक्शन प्लान तैयार किया है जो रोकथाम (Prevention), सहायता (Support), और पुनर्वास (Rehabilitation) – तीनों को कवर करता है।


    🛡️ 1. शिक्षक और स्कूलों की जागरूकता

    कार्यशालाओं और प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को सिखाया जा रहा है:
    ✔ कॉर्पोरल पनिशमेंट (शारीरिक दंड) रोकना
    ✔ छात्रों में डर, तनाव या अत्याचार के संकेत पहचानना
    ✔ उचित सलाह और काउंसलिंग देना


    🧠 2. स्कूल काउंसलिंग और SPEAK OUT सत्र

    • स्कूलों में काउंसलर नियुक्त किए जा रहे हैं
    • हर 15 दिन में Speak Out सत्र:
      बच्चे अपने मन की बात खुलकर कह सकें
    • चुप्पी तोड़ने पर ज़ोर – “Silence to Support”

    🎭 3. बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम

    • कठपुतली शो, नाटक, सामूहिक चर्चा
    • “कैसे पहचानें और रिपोर्ट करें शोषण?”
    • Self-defense और सुरक्षा तकनीक

    📮 4. SAFE CHILD Drop-Box (बच्चों की आवाज़ सुरक्षित)

    हर स्कूल में ड्रॉप बॉक्स लगाया जाएगा, जिसमें बच्चे:
    ✍ शिकायत
    ✍ सुझाव
    ✍ गुमनाम सूचना डाल सकेंगे


    👨‍👩‍👧 5. अभिभावक (Parents) के लिए जागरूकता पत्र

    माता-पिता को बताया जाएगा:

    • अनजान हेल्पर पर निगरानी
    • स्कूल बस या ट्यूशन रूट की जांच
    • बच्चों में अचानक बदलाव को महत्व देना
    • भावनात्मक दबाव से बचना

    📞 6. हेल्पलाइन और त्वरित सहायता

    महिला एवं बाल हेल्पलाइन: 1091
    चाइल्डलाइन: 1098
    प्रशिक्षित वॉलंटियर्स तुरंत मौके पर पहुंचकर:
    🩺 मेडिकल सहायता,
    🛡️ कानूनी सुरक्षा,
    ❤️ भावनात्मक सहयोग प्रदान करेंगे


    🏥 7. थैरेपी, रिहैब और पुनर्वास केंद्र

    • विशेष रिहैब सेंटर
    • Occupational और Recreational Therapy
    • अगर घर लौटना सुरक्षित नहीं, तो बाल संरक्षण गृह

    👩‍👦 Mothers / Parents Against Child Abuse

    स्कूलों में मदर क्लब बनाए जाएंगे जो:
    ✔ शिक्षकों के व्यवहार की निगरानी
    ✔ बच्चों की परेशानी साझा करने का मंच
    ✔ सामुदायिक समर्थन तैयार करेंगे


    🚓 8. Child-Friendly Police Stations

    • हर पुलिस स्टेशन में Women & Child Help Desk
    • बाल मामलों पर विशेष प्रशिक्षण
    • संवेदनशील, तेज़ कार्रवाई

    🏙️ 9. स्लम्स और कमज़ोर क्षेत्रों में विशेष योजना

    ✔ हेडकाउंट व सर्वे
    ✔ Health & Nutrition कैंप
    ✔ स्ट्रीट प्ले और शिक्षा कार्यक्रम
    ✔ आंगनवाड़ी, स्कूल और डे केयर की व्यवस्था


    🛑 10. Verbal Abuse के खिलाफ मुहिम

    संदेश दिया जाएगा –
    “बच्चे को डाँटो नहीं, समझाओ”
    ✖ ताने नहीं
    ✖ चिल्लाना नहीं
    ✔ सम्मानजनक संवाद


    🏁 निष्कर्ष: चंडीगढ़ का सपना – भारत का पहला Child Safe City

    यह कार्यक्रम केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है। इसका उद्देश्य है:
    “Report, Reform & Rebuild”
    ताकि कोई बच्चा चुप्पी में पीड़ा न सहे।


    📜 महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर

    सेवासंपर्क
    Police Women & Child Helpline1091
    ChildLine (PGI)1098
    Women & Child Support Unit+91 94173 00004
    Protection Programme99150-23456

    Adviser to the Administrator, Chandigarh Administration
    adviser-chd AT nic.in
    Tel : +91 172 2740154, 2740164
    Home Secretary, Chandigarh Administration
    hs-chd AT nic.in 
    Tel : +91 172 2740008, 2740216
    Finance Secretary, Chandigarh Administration
    fs-chd AT nic.in 
    Tel +91 172 2740017
    Special Secretary Finance, Chandigarh Administration
    ssf-chd AT nic.in 
    Tel: +91 172 2740045
    Director Public Instructions, Chandigarh Administration
    dpi-chd AT nic.in 
    Tel: +91 172 2740411
    Director Social Welfare,
    Chandigarh Administration
    Tel: +91 172 2700372
    Director Health Services, UT Chandigarh
    Tel: +91 172 2700372

    अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक साइट पर जाएं https://chandigarh.gov.in/chandigarhs-child-protection-programme