Category: बाल सुरक्षा एवं संरक्षण

  • हर  माँ   के   लिए  ₹5,000  की  सहारा  राशि – जानिए  कैसे  पाएँ  लाभ : प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)

    हर माँ के लिए ₹5,000 की सहारा राशि – जानिए कैसे पाएँ लाभ : प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)

    अगर आप गर्भवती हैं या आपके घर में खुशखबरी आने वाली है, तो सरकार आपको ₹5,000 की सीधी आर्थिक मदद दे रही है

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत सरकार की एक प्रमुख केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है। यह योजना गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, ताकि माँ और शिशु दोनों का स्वास्थ्य बेहतर हो सके।

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) 2026 में गर्भवती महिलाओं को ₹5,000 की आर्थिक सहायता मिलती है। जानिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और दूसरे बच्चे (लड़की) पर मिलने वाले लाभ की पूरी जानकारी।

    यह योजना विशेष रूप से समाज के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाओं के लिए बनाई गई है।

    योजना का उद्देश्य

    • गर्भवती महिलाओं को पोषण हेतु आर्थिक सहायता
    • सुरक्षित प्रसव और अस्पताल में डिलीवरी को बढ़ावा
    • नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी
    • कामकाजी महिलाओं को वेतन हानि की आंशिक भरपाई

    💰 कितनी मिलती है सहायता राशि?

    👶 पहले बच्चे के लिए:

    • कुल ₹5,000/-
    • दो किस्तों में भुगतान
    • राशि सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर

    👧 दूसरे बच्चे के लिए:

    • लाभ तभी मिलेगा जब दूसरा बच्चा लड़की हो
    • निर्धारित शर्तों के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है

    👩‍🍼 पात्रता (Eligibility)

    • गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिला
    • भारतीय नागरिक
    • पहले दो जीवित बच्चों तक लाभ
    • दूसरे बच्चे पर लाभ केवल बेटी होने पर

    📄 जरूरी दस्तावेज

    • आधार कार्ड
    • बैंक खाता विवरण
    • MCP कार्ड (मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड)
    • पहचान और निवास प्रमाण

    🏥 आवेदन कैसे करें?

    1. नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण करें
    2. आवश्यक दस्तावेज जमा करें
    3. सत्यापन के बाद राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त करें

    📊 Quick Recap Table – एक नज़र में योजना

    बिंदुविवरण
    योजना का नामप्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
    शुरू की गईभारत सरकार द्वारा
    मंत्रालयमहिला एवं बाल विकास मंत्रालय
    लाभार्थीगर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाएँ
    सहायता राशि₹5,000 (पहले बच्चे पर)
    दूसरे बच्चे पर लाभकेवल लड़की होने पर
    भुगतान तरीकाDBT (सीधे बैंक खाते में)
    आवेदन स्थानआंगनवाड़ी / स्वास्थ्य केंद्र

    🌸 योजना के मुख्य लाभ

    • गर्भावस्था के दौरान पोषण में सुधार
    • सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा
    • बेटी के जन्म को प्रोत्साहन
    • गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    1. PMMVY योजना के तहत लाभ कितनी किश्तों में मिलता है?

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहले बच्चे के लिए ₹5,000 की सहायता तीन किश्तों में दी जाती है –
    • पहली किश्त: गर्भपात पंजीकरण और प्रारंभिक जांच के बाद
    • दूसरी किश्त: गर्भावस्था के दौरान एएनसी जांच के पूरा होने पर
    • तीसरी किश्त: बच्चे के जन्म और शुरू हुए टीकाकरण के बाद सीधे बैंक खाते में भुगतान होता है।


    2. PMMVY योजना online आवेदन कैसे करें?

    लाभार्थी को नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र या आधिकारिक पोर्टल (pmmvy.wcd.gov.in) पर जाकर आवेदन करना होता है, जिसमें फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज़ जमा किये जाते हैं।


    3. PMMVY का लाभ कब तक आवेदन कर प्राप्त किया जा सकता है?

    लाभार्थी को बच्चे के जन्म के 270 दिनों के भीतर PMMVY सहायता के लिए आवेदन करना अनिवार्य होता है (योग्यता की शर्तों के अनुसार)।


    4. PMMVY में लॉगिन कैसे करें?

    लाभार्थी PMMVY के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी रजिस्टर्ड क्रेडेंशियल (मोबाइल/ईमेल + पासवर्ड) से लॉगिन कर सकता/सकती हैं और आवेदन स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।


    5. PMMVY की लाभ राशि दूसरे बच्चे के लिए कब मिलती है?

    अगर दूसरे बच्चे का लिंग लड़की है, तो पात्र महिला को ₹6,000 की सहायता एकल किश्त में दी जाती है – यह राशि बच्चे के जन्म और सार्वभौमिक टीकाकरण पूरा होने पर मिलती है।


    6. PMMVY लागू कब से है?

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 1 जनवरी 2017 से लागू की जा रही है, ताकि महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक समर्थन को बढ़ावा मिल सके।


    📌 निष्कर्ष

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना हर माँ के लिए एक सुरक्षा कवच है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद देती है बल्कि माँ और बच्चे के बेहतर भविष्य की नींव भी रखती है। यदि आप पात्र हैं, तो समय पर पंजीकरण कर इस योजना का लाभ अवश्य उठाएँ।

    अधिक जानकारी के लिए : https://www.myscheme.gov.in/schemes/pmmvy

  • “NPS  वात्सल्य  योजना  2025: बच्चों  के   लिए     पेंशन   खाता

    “NPS वात्सल्य योजना 2025: बच्चों के लिए पेंशन खाता

    NPS वात्सल्य योजना 2025 के तहत माता-पिता अपने बच्चों के लिए NPS अकाउंट खोलकर उनके भविष्य की सेवानिवृत्ति सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

    📊 त्वरित जानकारी (Quick Highlights Table)

    विवरणजानकारी
    योजना का नामNPS वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya Scheme)
    शुरुआतवित्त वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री द्वारा घोषणा
    संस्थापक विभागपेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA)
    लाभार्थीनाबालिग बच्चों के माता-पिता या अभिभावक
    न्यूनतम योगदान₹1,000 प्रति वर्ष
    अधिकतम योगदानकोई सीमा नहीं
    उद्देश्यबच्चों की सेवानिवृत्ति सुरक्षा के लिए बचत को बढ़ावा देना
    आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन / ऑफलाइन माध्यम से NPS पोर्टल पर
    आधिकारिक वेबसाइटhttps://www.pfrda.org.in

    🌱 NPS वात्सल्य योजना क्या है?

    NPS वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya Scheme) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक नई योजना है, जिसकी घोषणा वित्त वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में की गई थी।
    इस योजना के तहत माता-पिता या अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर एक नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) खाता खोल सकते हैं।

    इस खाते में वे हर महीने या सालाना आधार पर एक निश्चित राशि जमा कर सकते हैं, जब तक बच्चा 18 वर्ष की आयु तक नहीं पहुँच जाता।
    18 वर्ष की आयु पूरी होने पर यह खाता स्वतः सामान्य NPS खाते (Tier-I Account) में बदल जाता है।

    🎯 योजना का उद्देश्य (Objective)

    NPS वात्सल्य योजना का मुख्य उद्देश्य देश में लंबी अवधि की बचत और सेवानिवृत्ति सुरक्षा की भावना को परिवार स्तर पर बढ़ावा देना है।
    यह योजना माता-पिता को प्रोत्साहित करती है कि वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए अभी से निवेश शुरू करें, जिससे उनके पास बड़ी उम्र में आर्थिक सुरक्षा बनी रहे।


    💰 योगदान की प्रक्रिया (Contribution Details)

    • खाता खोलने पर न्यूनतम योगदान: ₹1,000
    • अधिकतम सीमा: कोई ऊपरी सीमा नहीं
    • आगामी वर्षों में न्यूनतम योगदान: ₹1,000 प्रति वर्ष

    माता-पिता अपनी सुविधा के अनुसार हर महीने या सालाना आधार पर निवेश कर सकते हैं।


    📈 निवेश के विकल्प (Investment Choices)

    NPS वात्सल्य योजना में निवेशकों को तीन प्रकार के विकल्प मिलते हैं —

    1. Default Choice: Moderate Lifecycle Fund (LC-50) – जिसमें 50% हिस्सा इक्विटी में होता है।
    2. Auto Choice:
      • Aggressive LC-75 (75% इक्विटी)
      • Moderate LC-50 (50% इक्विटी)
      • Conservative LC-25 (25% इक्विटी)
    3. Active Choice:
      अभिभावक स्वयं तय कर सकते हैं कि कितना निवेश इक्विटी, सरकारी बॉन्ड, कॉरपोरेट डेब्ट या वैकल्पिक परिसंपत्तियों में हो।

    👨‍👩‍👧 18 वर्ष की आयु पर क्या होगा?

    जैसे ही बच्चा 18 वर्ष का हो जाता है, उसका NPS वात्सल्य खाता स्वतः Tier-I (All Citizen Model) खाते में परिवर्तित हो जाता है।
    इस दौरान तीन महीने के भीतर बच्चे का नया KYC सत्यापन करवाना आवश्यक होता है।


    🏦 निकासी और आंशिक वापसी (Withdrawal Rules)

    इस योजना में कुछ विशेष परिस्थितियों में आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की अनुमति दी गई है —

    • शिक्षा खर्च
    • गंभीर बीमारी का इलाज
    • 75% से अधिक दिव्यांगता

    👉 इन परिस्थितियों में अभिभावक न्यूनतम 3 वर्ष बाद, कुल जमा राशि का 25% तक निकाल सकते हैं।
    यह सुविधा अधिकतम 3 बार दी जा सकती है, जब तक बच्चा 18 वर्ष का न हो जाए।


    ⚖️ मृत्यु या अभिभावक परिवर्तन की स्थिति में प्रावधान

    • यदि बच्चे की मृत्यु हो जाती है, तो संचित राशि पूरी तरह अभिभावक को लौटा दी जाती है
    • यदि अभिभावक की मृत्यु हो जाए, तो नया अभिभावक नियुक्त करके KYC दस्तावेज़ जमा कर खाते का संचालन जारी रखा जा सकता है।
    • दोनों माता-पिता के निधन की स्थिति में, कानूनी रूप से नियुक्त संरक्षक खाता जारी रख सकता है।

    18 वर्ष की आयु पर निकासी विकल्प (Exit Options)

    • 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर सब्सक्राइबर (अब बालिग) खाते से बाहर निकल सकता है।
    • इस स्थिति में 80% राशि से वार्षिकी (Annuity) खरीदी जाएगी और 20% राशि एकमुश्त (Lump Sum) रूप में मिलेगी।
    • यदि खाते में कुल राशि ₹2.5 लाख या उससे कम है, तो पूरी राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है।

    🌟 योजना के लाभ (Benefits of NPS Vatsalya Scheme)

    1. बच्चों के भविष्य के लिए दीर्घकालिक निवेश की सुविधा।
    2. टैक्स बचत और कंपाउंड रिटर्न का लाभ।
    3. बच्चे की उम्र पूरी होने पर स्वतः NPS खाते में परिवर्तन।
    4. सरकारी निगरानी में सुरक्षित और पारदर्शी निवेश।
    5. आंशिक निकासी की अनुमति विशेष परिस्थितियों में।
    6. कोई अधिकतम निवेश सीमा नहीं — निवेशक की क्षमता अनुसार राशि।

    💻 आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)

    1. NPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: https://www.pfrda.org.in
    2. NPS Vatsalya Scheme” विकल्प चुनें।
    3. माता-पिता या अभिभावक के विवरण भरें।
    4. बच्चे का नाम, आयु, और जन्म तिथि दर्ज करें।
    5. KYC प्रक्रिया पूरी करें और प्रारंभिक योगदान ₹1,000 जमा करें।
    6. आवेदन सफल होने पर PRAN (Permanent Retirement Account Number) जारी किया जाएगा।

    📋 महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points)

    • योजना का संचालन PFRDA (Pension Fund Regulatory and Development Authority) द्वारा किया जाता है।
    • निवेशकों को सुरक्षित रिटर्न और सरकारी निगरानी का लाभ मिलता है।
    • योजना पूरी तरह स्वैच्छिक (Voluntary) है।

    💬 निष्कर्ष (Conclusion)

    NPS वात्सल्य योजना 2025 भारत में माता-पिता के लिए अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक नया और सशक्त माध्यम है।
    यह योजना बच्चों के लिए न केवल दीर्घकालिक बचत का अवसर देती है, बल्कि उन्हें 18 वर्ष की आयु में एक सुरक्षित पेंशन फंड भी प्रदान करती है।
    यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने, तो NPS वात्सल्य योजना आपके लिए एक उत्तम विकल्प है।

    अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें : https://www.myscheme.gov.in/hi/schemes/npsvs

  • “Child Labour    Vidya Yojana: हर  बच्चे  तक शिक्षा  पहुँचाने  की  सरकारी   पहल”

    “Child Labour Vidya Yojana: हर बच्चे तक शिक्षा पहुँचाने की सरकारी पहल”

    लेखक: Shelfy Naz
    बाल श्रमिक विद्या योजना 8–18 आयु के कामकाजी बच्चों को पढ़ाई में लौटाने के लिए आर्थिक सहायता, ट्रैकिंग और प्रवेश सुविधा देती है।


    परिचय एक नया मोड़ उन बच्चों की ज़िंदगी में

    भारत में लाखों बच्चे परिवार की रोज़मर्रा की ज़रूरतों में मदद करते-करते पढ़ाई से दूर हो जाते हैं। बाल श्रमिक विद्या योजना इन बच्चों को फिर से स्कूल तक पहुँचाने और उनकी आमदनी के नुकसान की भरपाई करने के लिए एक कंडीशनल कैश ट्रान्सफर पहल है। इसका उद्देश्य 8-18 आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों/किशोर-किशोरियों को स्थायी रूप से विद्यालय में शामिल कराना और उनके भविष्य को सुरक्षित करना है।


    योजना के उद्देश्य (Simple & Clear)

    • कामकाजी बच्चों को शिक्षा के माध्यम से समाज में वापस जोड़ना।
    • परिवार की आर्थिक सहायता करते हुए बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिलाना।
    • बच्चों के पुनः स्कूल में शामिल होने, उपस्थित रहने और उत्तीर्ण होने को प्रोत्साहित करना।
    • पात्र परिवारों को अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना।

    कौन-कौन लाभान्वित होंगे ? पात्रता और परिवार की क्षम्यता

    योजना उन परिवारों को लक्षित करती है जहाँ:

    1. माता या पिता अथवा दोनों की मृत्यु हो चुकी हो।
    2. माता या पिता अथवा दोनों स्थायी रूप से विकलांग हों।
    3. परिवार की मुखिया महिला हो (पति की मृत्यु/तलाक आदि)।
    4. माता/पिता किसी गंभीर असाध्य रोग से ग्रस्त हों।
    5. भूमिहीन परिवार हों।

    लाभार्थी वे 8-18 आयु वर्ग के कामकाजी बच्चे/किशोर-किशोरियाँ होंगे जो संगठित या असंगठित क्षेत्र में परिवार की आय के लिए श्रम कर रहे हैं जैसे खेत, गैर-कृषि, स्वरोज़गार, घरेलू काम आदि शामिल हैं।


    प्राथमिकता की 9 श्रेणियाँ (सहज भाषा में)

    योजना में लाभार्थियों की प्राथमिकता 9 श्रेणियों में बांटी गई है — जहाँ प्रथम श्रेणी सबसे उच्च प्राथमिकता है और नवम श्रेणी अपेक्षाकृत कम प्राथमिकता:

    1. प्रथम: दोनों माता-पिता की मृत्यु और बच्चे की आमदनी परिवार का मुख्य स्रोत।
    2. द्वितीय: पिता की मृत्यु और बच्चा परिवार का सहारा।
    3. तृतीय: माता-पिता दोनों स्थायी रूप से दिव्यांग।
    4. चतुर्थ: माता-पिता असाध्य रोग से ग्रस्त।
    5. पंचम: पिता स्थायी रूप से दिव्यांग।
    6. षष्टम्: पिता गम्भीर असाध्य रोग से ग्रस्त।
    7. सप्तम: परिवार की मुखिया महिला हो (पत्नी मृत/तलाकशुदा)।
    8. अष्टम: माता मृत/स्थायी दिव्यांग/गंभीर रोग।
    9. नवम: भूमिहीन परिवार जहाँ बच्चा काम करता हो।

    नोट: हर लाभार्थी की पहचान निरीक्षण/सर्वेक्षण व प्रमाण-पत्रों के आधार पर की जाएगी।


    आच्छादित जिले व लक्ष्य

    जनगणना 2011 के आँकड़ों के आधार पर योजना के प्रथम चरण में 20 जिलों को चुना गया है — जैसे आगरा, प्रयागराज, कानपुर नगर, बलिया, लखनऊ, बाराबंकी, बरेली, गाज़ियाबाद, गोरखपुर, मिर्जापुर व अन्य। हर जिले में लगभग 100 लाभार्थियों को कवर कर कुल 2000 बच्चों/किशोरियों को लक्ष्य बनाया गया है।


    चयन प्रक्रिया (साफ और पारदर्शी)

    • प्राथमिक पहचान ग्राम पंचायत, स्थानीय निकाय, स्कूल प्रबन्धन समिति, चाइल्ड लाइन और स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा की जाएगी।
    • प्रमाण-पत्र (दिव्यांगता, मृत्यु, चिकित्सा प्रमाण) के आधार पर चयन सुनिश्चित किया जाएगा।
    • श्रम विभाग के सर्वेक्षण व निरीक्षण से भी कामकाजी बच्चों की सूची तैयार होगी।
    • अंतिम स्वीकृति क्षेत्रीय अपर/उप/सहायक श्रम आयुक्त द्वारा दी जाएगी और लाभार्थी का डाटा ई-ट्रैकिंग सिस्टम पर अपलोड होगा।

    आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन (कदम-दर-कदम)

    • मासिक अनुदान: बालकों के लिए ₹1000/माह, बालिकाओं के लिए ₹1200/माह। (सालाना ₹12,000 / ₹14,400)
    • शैक्षणिक प्रोत्साहन: कक्षा-8/9/10 उत्तीर्ण करने पर प्रत्येक कक्षा हेतु अतिरिक्त ₹6000 का प्रोत्साहन।
    • सभी भुगतान लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे किए जाएंगे।

    ई-ट्रैकिंग, उपस्थिति और शर्तें

    • सभी लाभार्थियों का विवरण ऑनलाइन ई-ट्रैकिंग सिस्टम में दर्ज होगा (UNICEF के सहयोग से)।
    • लाभ प्राप्त करने के लिए स्कूल में न्यूनतम 70% उपस्थिति अनिवार्य है, जिसका प्रमाण प्रधानाध्यापक ई-ट्रैकिंग में देंगे।
    • योजना में शामिल बच्चे अगर किसी कारण से राज्य के भीतर दूसरे जिले में स्थानांतरित होते हैं तो भी लाभ जारी रहेगा (Portability)।

    शिकायत निवारण और निगरानी

    • शिकायतें जिलाधिकारी कार्यालय या ई-ट्रैकिंग पर दर्ज कराई जा सकती हैं।
    • जिलास्तरीय समिति एक महीने में शिकायत का निवारण सुनिश्चित करेगी।
    • योजना के क्रियान्वयन की मासिक व द्वि-मासिक समीक्षा क्षेत्रीय और राज्य स्तर पर होगी।

    अन्य सरकारी लाभों से जोड़ना

    योजना का उद्देश्य केवल नकद सहायता नहीं, बल्कि परिवारों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना भी है जैसे विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, राशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, छात्रवृत्तियाँ आदि।


    FAQs (सरल जवाब)

    Q1. यह योजना किस उम्र के बच्चों के लिए है?
    A: 8 से 18 वर्ष आयु के कामकाजी बच्चों/किशोरियों के लिए।

    Q2. सहायता कितनी मिलती है?
    A: बालकों को ₹1000/माह और बालिकाओं को ₹1200/माह।

    Q3. उपस्थिति की क्या शर्त है?
    A: विद्यालय में न्यूनतम 70% उपस्थिति अनिवार्य है।

    Q4. आवेदन कैसे होगा?
    A: पहचान स्थानीय ग्राम पंचायत/स्कूल/चाइल्डलाइन/श्रम विभाग द्वारा कराई जाएगी; अंतिम चयन श्रम अधिकारी करेंगे।

    Q5. शिकायत कहां दर्ज करूं?
    A: जिलाधिकारी कार्यालय या ई-ट्रैकिंग सिस्टम पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।


    निष्कर्ष पढ़ाई से सबका भविष्य संवरता है

    बाल श्रमिक विद्या योजना सिर्फ पैसों की मदद नहीं; यह बच्चों को विश्वास, शिक्षा और समाज में एक नया मुकाम देने की पहल है। जब हम कामकाजी बच्चों को पढ़ाई के रास्ते पर वापस लाते हैं, तो हम न सिर्फ उनकी ज़िंदगी बदलते हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित करते हैं। आइए इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाएँ और उन बच्चों तक मदद पहुँचाएँ जिन्हें सबसे ज़्यादा जरूरत है।

    ✍️ लेखक: Shelfy Naz

    अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक साइट लिंक पर जाएं:

    https://www.bsvy.in/#:~:text=%20%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD(%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%95%20%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE):%2D%20%20(i)%20%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%95%20%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE,%E0%A4%A7%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%20%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A8%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%20%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%AF%20%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80%E0%A5%A4

  • “हर  बच्चा  सुरक्षित, हर भविष्य उज्ज्वल: चंडीगढ़ की नई परिकल्पना”

    “हर बच्चा सुरक्षित, हर भविष्य उज्ज्वल: चंडीगढ़ की नई परिकल्पना”


    “चंडीगढ़ का बाल संरक्षण अभियान बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता, परामर्श और अभिभावक सहयोग के माध्यम से सुरक्षित बचपन का संकल्प है।


    चंडीगढ़ का बाल संरक्षण अभियान: सुरक्षित बचपन की ओर एक मजबूत कदम

    बच्चों की सुरक्षा केवल स्कूल तक सीमित नहीं होती, बल्कि उनके घर, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थलों तक फैली होती है। चंडीगढ़ प्रशासन ने एक ऐसा व्यापक Child Protection Programme शुरू किया है, जिसका उद्देश्य है – हर बच्चे को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वस्थ वातावरण देना

    भारत में दुनिया के लगभग 19% बच्चे रहते हैं, जिनमें से कई हिंसा, शोषण और मानसिक आघात का सामना करते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 50% से अधिक बच्चों ने किसी न किसी रूप में शारीरिक या मानसिक शोषण झेला है, और इनमें से कई ने अपनी पीड़ा कभी किसी से साझा नहीं की।


    🔶 क्यों ज़रूरी है बाल संरक्षण?

    • बच्चे मासूम होते हैं, आसानी से भरोसा कर लेते हैं
    • ज़्यादातर अत्याचार घर या परिचित लोगों द्वारा किए जाते हैं
    • शोषण मानसिक घाव छोड़ जाता है, जो जीवनभर रहते हैं

    इसीलिए, चंडीगढ़ प्रशासन ने एक ऐसा एक्शन प्लान तैयार किया है जो रोकथाम (Prevention), सहायता (Support), और पुनर्वास (Rehabilitation) – तीनों को कवर करता है।


    🛡️ 1. शिक्षक और स्कूलों की जागरूकता

    कार्यशालाओं और प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को सिखाया जा रहा है:
    ✔ कॉर्पोरल पनिशमेंट (शारीरिक दंड) रोकना
    ✔ छात्रों में डर, तनाव या अत्याचार के संकेत पहचानना
    ✔ उचित सलाह और काउंसलिंग देना


    🧠 2. स्कूल काउंसलिंग और SPEAK OUT सत्र

    • स्कूलों में काउंसलर नियुक्त किए जा रहे हैं
    • हर 15 दिन में Speak Out सत्र:
      बच्चे अपने मन की बात खुलकर कह सकें
    • चुप्पी तोड़ने पर ज़ोर – “Silence to Support”

    🎭 3. बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम

    • कठपुतली शो, नाटक, सामूहिक चर्चा
    • “कैसे पहचानें और रिपोर्ट करें शोषण?”
    • Self-defense और सुरक्षा तकनीक

    📮 4. SAFE CHILD Drop-Box (बच्चों की आवाज़ सुरक्षित)

    हर स्कूल में ड्रॉप बॉक्स लगाया जाएगा, जिसमें बच्चे:
    ✍ शिकायत
    ✍ सुझाव
    ✍ गुमनाम सूचना डाल सकेंगे


    👨‍👩‍👧 5. अभिभावक (Parents) के लिए जागरूकता पत्र

    माता-पिता को बताया जाएगा:

    • अनजान हेल्पर पर निगरानी
    • स्कूल बस या ट्यूशन रूट की जांच
    • बच्चों में अचानक बदलाव को महत्व देना
    • भावनात्मक दबाव से बचना

    📞 6. हेल्पलाइन और त्वरित सहायता

    महिला एवं बाल हेल्पलाइन: 1091
    चाइल्डलाइन: 1098
    प्रशिक्षित वॉलंटियर्स तुरंत मौके पर पहुंचकर:
    🩺 मेडिकल सहायता,
    🛡️ कानूनी सुरक्षा,
    ❤️ भावनात्मक सहयोग प्रदान करेंगे


    🏥 7. थैरेपी, रिहैब और पुनर्वास केंद्र

    • विशेष रिहैब सेंटर
    • Occupational और Recreational Therapy
    • अगर घर लौटना सुरक्षित नहीं, तो बाल संरक्षण गृह

    👩‍👦 Mothers / Parents Against Child Abuse

    स्कूलों में मदर क्लब बनाए जाएंगे जो:
    ✔ शिक्षकों के व्यवहार की निगरानी
    ✔ बच्चों की परेशानी साझा करने का मंच
    ✔ सामुदायिक समर्थन तैयार करेंगे


    🚓 8. Child-Friendly Police Stations

    • हर पुलिस स्टेशन में Women & Child Help Desk
    • बाल मामलों पर विशेष प्रशिक्षण
    • संवेदनशील, तेज़ कार्रवाई

    🏙️ 9. स्लम्स और कमज़ोर क्षेत्रों में विशेष योजना

    ✔ हेडकाउंट व सर्वे
    ✔ Health & Nutrition कैंप
    ✔ स्ट्रीट प्ले और शिक्षा कार्यक्रम
    ✔ आंगनवाड़ी, स्कूल और डे केयर की व्यवस्था


    🛑 10. Verbal Abuse के खिलाफ मुहिम

    संदेश दिया जाएगा –
    “बच्चे को डाँटो नहीं, समझाओ”
    ✖ ताने नहीं
    ✖ चिल्लाना नहीं
    ✔ सम्मानजनक संवाद


    🏁 निष्कर्ष: चंडीगढ़ का सपना – भारत का पहला Child Safe City

    यह कार्यक्रम केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है। इसका उद्देश्य है:
    “Report, Reform & Rebuild”
    ताकि कोई बच्चा चुप्पी में पीड़ा न सहे।


    📜 महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर

    सेवासंपर्क
    Police Women & Child Helpline1091
    ChildLine (PGI)1098
    Women & Child Support Unit+91 94173 00004
    Protection Programme99150-23456

    Adviser to the Administrator, Chandigarh Administration
    adviser-chd AT nic.in
    Tel : +91 172 2740154, 2740164
    Home Secretary, Chandigarh Administration
    hs-chd AT nic.in 
    Tel : +91 172 2740008, 2740216
    Finance Secretary, Chandigarh Administration
    fs-chd AT nic.in 
    Tel +91 172 2740017
    Special Secretary Finance, Chandigarh Administration
    ssf-chd AT nic.in 
    Tel: +91 172 2740045
    Director Public Instructions, Chandigarh Administration
    dpi-chd AT nic.in 
    Tel: +91 172 2740411
    Director Social Welfare,
    Chandigarh Administration
    Tel: +91 172 2700372
    Director Health Services, UT Chandigarh
    Tel: +91 172 2700372

    अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक साइट पर जाएं https://chandigarh.gov.in/chandigarhs-child-protection-programme